भीम प्रकाश बौद्ध उपसंपादक टाईम्स ऑफ चित्रा
भोपाल :-गत दिनों जिस तरीके से आतिशबाजी की गई और पटाखों पर जो पैसा बर्बाद किया गया क्या वह उचित था दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश था की रात के 10:00 के बाद पटाखे ना चलाया जाए फिर भी लोगों ने कानून का पालन नहीं किया और देर रात तक आतिशबाजी की गई जिससे लाखों करोड़ पैसा आग में भस्म हो गया आज हमारे देश में लाखों करोड़ों व्यक्ति हैं जो बदहाली की जिंदगी गुजार व बसर कर रहे हैं कई लोग कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं जिनके पास इलाज के लिए पैसा नहीं जिससे कई लोग इलाज के अभाव में कई लोग दम तोड़ देते क्या वह पैसा जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंचा जाया नहीं सकता था देर रात तक तक रोशनी में जो पैसा बर्बाद किया गया वह पूर्ण तरह से निंदनीय है कानून का पालन हमारे देश में क्यों नहीं किया जाता जिससे अब व्यवस्था फैली क्या इसे रुका नहीं जा सकता था इससे अंदाजा लगाया जा सकता है किस तरह से लापरवाही रवैया हमारे देश में संचालित हो रहा है जिम्मेदार अफसराेने कार्रवाई क्यों नहीं की गई जिससे कानून कमजोर पड़ गया है यदि जिम्मेदार अधिकारी ठोस तरीके से कार्रवाई करते तो आज जो करोड़ों रुपए की जो आतिशबाजी की गई पूर्ण तरह से प्रतिबंध लगाया जा सकता था और एक जरूरतमंद और गरीब व्यक्ति की जिंदगी बचाई जा सकती थी



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