सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट चेतन बैरवा का कहना है मोदी तो नौटंकी मास्टर है ही लेकिन उपराष्ट्रपति धनकड़ भी कोई कम नौटंकी मास्टर नहीं है । एडवोकेट बैरवा ने यह बात उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ के इस बयान के बाद कही जब उसने कहा कि मीडिया को सत्ता का दलाल नहीं बनना चाहिए । हकीकत तो बल्कि यह है कि धनकड़ खुद सत्ता का दलाल रहा है । यह खुद मोदी को खुश करने के चक्कर में राज्य सभा में सभापति के रूप में विपक्षी सांसदों को धमकाया करता था । खुद मोदी के सामने ऐसे खड़ा रहता था जैसे कि यह उसका चपरासी हो । धनकड़ खुद दोगले रवैए का मालिक है । इसलिए अब इसकी बातो को सुनेगा कौन , कोई नहीं ।
यह आदमी सुप्रीम कोर्ट के जजों पर भी उल्टा पुल्टा बोला करता था ताकि मोदी खुश होकर इसे भारत का अगला राष्ट्रपति बनादे । संविधान के बारे में भी यह आदमी उल्टा पुल्टा बोला करता था । एक प्रोग्राम में इसने संविधान के आर्टिकल 142 को मिसाइल बता दिया था जबकि उस आर्टिकल को संविधान में शामिल करने से पहले , संविधान सभा ने उस पर गंभीर चर्चा की है , बहुमत से पास किया है और तब जाकर उसे संविधान में शामिल किया गया है । बड़ा बकवास आदमी है यह , इस आदमी ने एससी / एसटी एक्ट के वायरस को भी हाई कोर्ट की जयपुर बेंच में चुनौती दी थी 1990 में , जिसकी सुनवाई राजस्थान हाई कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्याधीश के. सी. अग्रवाल की कोर्ट में हुई थी जो इलाहाबाद हाई कोर्ट से नए नए ही ट्रांसफर होकर आये थे । मैने खुद ने उस केस की प्रोसीडिंग्स को सुना है । हालांकि उस जनहित याचिका में हुआ कुछ नहीं लेकिन इसने संसद द्वारा पारित उस महत्व पूर्ण कानून को चुनौती देकर एससी एसटी के प्रति होने वाली अपनी घटिया सोच को प्रकट जरूर कर दिया था । इसे यह होश ही नहीं कि आज भी हिंदू समाज में ओबीसी के लोगो को शुद्र समझा जाता है तथा उन पर पेशाब छिड़ककर उनका शुद्धिकरण किया जाता है । हाल ही में इटावा में हुई घटना इस बात का सबूत है ।
चेतन बैरवा , एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट , मो 85 11 31 63 41 , 24 जुलाई 2025 , फेस बुक



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