डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर ने बताया कि लोहारीडीह घटना में दर्ज एफआईआर 62, 63, 64 और 65 और 66 में धारा 62 को छोड़कर ग्रामीणों ने एक आवेदन आईजी को दिया था कि ग्रामीण निर्दोश है और घटना में वे शामिल नहीं है. इस मामले में एसआईटी गठित की गई. जांच में 23 आरोपियों के खिलाफ आगजनी, हत्या प्रकरण में सबूत नहीं मिले. इनका बयान दर्ज कराया गया. उस आधार पर 23 आरोपियों पर दर्ज 4 प्रकरण से मुक्त किया गया है. लेकिन पुलिस पर पथराव मारपीट मामले में केस जारी रहेगा.
लोहारीडीह कांड क्या है: 14 सितंबर 2024 को मध्यप्रदेश सीमा में समाज अध्यक्ष शिव प्रसाद उर्फ कचरु साहू की हत्या कर फांसी पर लटका दिया गया. पुलिस ने प्रथम दृष्टया शिव प्रसाद की मौत को आत्महत्या बताया. जिसपर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और गांव के उपसरपंच रघुनाथ साहू पर हत्या के आशंका में मारपीट कर मकान को आग के हवाले कर दिया. घटना में उपसरपंच की जलकर मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस पहुंची तो आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को गांव में घुसने से रोका और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. बाद में पुलिस फोर्स के साथ गांव में घुसी और 69 लोगों को गिरफ्तार किया गया. घटना में पुलिस ने 169 लोगों पर पांच एफआईआर दर्ज की इनमें से 23 लोगों के खिलाफ हत्या आगजनी मामले में शामिल होने का पुलिस को कोई सबूत नहीं मिला. इन्हें रिहा किया जा रहा है.



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