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राष्ट्र का चौथा स्तंभ पत्रकार खतरे में

भीम प्रकाश बौद्ध उपसंपादक

भोपाल :-आज हमारे देश में पत्रकार का सम्मान किया जाता हैl वह तो ठीक हैl लेकिन मैं कई दशकों से देख रहा हूंl की पत्रकार राष्ट्र का चौथा स्तंभ होता हैl उसके साथ बार-बार हमले होते हैंl चारों तरफ भ्रष्टाचार फैला हुआ हैl पत्रकार का जीवन असुरक्षित हैl वह कठिनाइयों में अपना जीवन व्यतीत करता हैl खतरे में अपना जीवन डालता हैl फिर भी उसकी सुरक्षा क्यों नहीं की जा रही सरकार को आगे आना होगा कई विभाग ऐसे हैंl जहां पर पत्रकार पहुंच ही नहीं पा रहा हैl कारण हैl अब हम बात विद्यालय की कर ले कई शिक्षक ऐसे हैl जहां पर कई कई महीनो तक शिक्षक विद्यालयों में नहीं पहुंचते और यदि पहुंचते भी हैl तो नाम मात्र के लिए जाते हैंl यह सिस्टम अकेले शिक्षा विभाग का नहीं है l और कई ऐसे विभाग हैंl जो  अनुशासनहीनता बरत रहे हैl और जब कोई पत्रकार निरीक्षण करने के लिए जाता हैl तो पहले से ही गुंडे मवाली पत्रकार का रास्ता रोक लेते हैंl और बदतमीजी पर उतर आते हैंl इस प्रकार कभी-कभी पत्रकार के साथ मारपीट भी हो जाती हैl जिससे उसका जीवन असुरक्षित महसूस हो गया हैl एक तरफ तो सरकार पत्रकार को राष्ट्र का चौथा स्तंभ मानती हैl इसके बावजूद भी उसके इंतजाम क्यों नहीं किया जा रहे है l जिससे वह  सुरक्षित रह सके सरकार को चाहिए पत्रकारिता वही व्यक्ति करें जो पढ़े-लिखे हो क्योंकि आजकल मैं देख रहा हूंl कई ऐसे लोग हैंl जो बिल्कुल भी नहीं पढ़े लिखे हैंl और उन्होंने पत्रकारिता जैसा  कार्य कर रहे हैंl जिससे यह पता नहीं चल पाता हैl यह पत्रकारिता किस लिए कर रहे हैंl समाज के लिए कि धंधे के लिए आजकल स्वार्थी तत्व के लोगों ने पत्रकारिता को एक धंधा बना लिया हैl जिस वजह से आज पत्रकार की गरीमा गिर रही हैl सरकार को ऐसा कानून बनना होगा की जो पढ़े लिखे हैंl मास्टर डिग्री कर रखी हैl वही पत्रकारिता जैसा  कार्य  कर सकते हैं l तभी कुछ हद तक फर्जी बड़ा रुक सकता हैl और ऐसे नियम बनाने होंगे सरकार को की पत्रकार की सुरक्षा की जा सके तभी वह अपने देश और समाज का भला कर सकता हैं l